झारखंड

JPSC-JSSC परीक्षा विवाद: मंत्रियों की समिति और छात्र प्रतिनिधिमंडल के बीच वार्ता खत्म, 14वीं JPSC की पीटी रद्द

 

 

राँची: झारखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं को लेकर छात्रों के विरोध प्रदर्शन और मांगों के बीच राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय कमेटी और छात्र प्रतिनिधियों के बीच वार्ता खत्म हो गई. इस दौरान कई महत्वपूर्ण निर्णय सामने आए है. सरकार ने छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए 14वीं जेपीएससी की पीटी परीक्षा को रद्द कर दिया है और हालांकि जेएसएससी सीजीएल की परीक्षा को सरकार रद्द नहीं करेगी. इसके लिए रिटायर्ड जज की अध्यक्षता में न्यायिक जांच होगी. वहीं दूसरी तरफ छात्रों का आंदोलन जारी रहेगा और कल यानि सोमवार को शांतिपूर्ण तरीके से विधानसभा का घेराव किया जाएगा.

 

 

कल भी हुई थी मंत्रियों की समिति और छात्र प्रतिनिधियों के बीच वार्ता

गौरतलब है कि शनिवार को स्टेट गेस्ट हाउस में मंत्रियों की समिति और छात्र प्रतिनिधियों के बीच गहन चर्चा हुई थी. इसके बाद मंत्रियों ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के साथ साढ़े तीन घंटे तक मैराथन बैठक कर छात्रों की मांगों से उन्हें अवगत कराया. मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद रविवार दोपहर 12 बजे स्टेट गेस्ट हाउस में छात्र प्रतिनिधियों के साथ पुनः बैठक तय की गई थी.

 

 

वार्ता का घटनाक्रम: घंटों चली बैठकों के बाद सीएम को दी गई जानकारी

– शनिवार को सरकार की ओर से गठित चार मंत्रियों की समिति मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू, दीपिका पांडेय सिंह, संजय प्रसाद यादव और चमरा लिंडा ने आंदोलन समाप्त कराने के उद्देश्य से स्टेट गेस्ट हाउस में मोर्चा संभाला.

 

 

– मंत्रियों ने सबसे पहले देवेंद्र महतो गुट के प्रतिनिधियों से बातचीत की. इसके बाद नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया, झारखंड मुक्ति मोर्चा की छात्र इकाई झारखंड छात्र मोर्चा और आदिवासी छात्र संघ की वार्ता में एंट्री हुई.

 

– सरकारी प्रतिनिधियों ने लगभग साढ़े तीन घंटे तक चारों संगठनों से अलग-अलग बातचीत कर उनकी सभी मांगों को दर्ज किया.

 

– चारों मंत्री सीधे मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से मिलने पहुंचे. वहां लगभग साढ़े तीन घंटे चली उच्चस्तरीय बैठक में मंत्रियों ने छात्र प्रतिनिधियों की हर मांग से सीएम को विस्तृत रूप से अवगत कराया.

 

ये थी छात्रों की प्रमुख एवं साझा मांगें

– शनिवार की वार्ता में विभिन्न छात्र संगठनों की ओर से जो प्रमुख और साझा मांगें सामने आईं, उनमें कई मुख्य बिंदु शामिल हैं.

 

– परीक्षाएं रद्द करने की मांग: 14वीं जेपीएससी सिविल सेवा रेगुलर पीटी परीक्षा, सिविल सेवा बैकलॉग-2023 की PT तथा लिखित परीक्षा और सिविल सेवा बैकलॉग-2025 की पीटी व लिखित परीक्षा को तत्काल रद्द किया जाए.

 

– 90 दिनों में सीआईडी जांच: इस पूरे प्रकरण की जांच सीआईडी द्वारा 90 दिनों के भीतर पूरी की जाए और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाए.

 

– पारदर्शिता और परीक्षा कैलेंडर: जेपीएससी और जेएसएससी द्वारा नियमित रूप से वार्षिक परीक्षा कैलेंडर जारी किया जाए और परीक्षा व मूल्यांकन प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता लाई जाए.

 

सरकार की अपील और ई-मेल आईडी जारी

वार्ता के बाद मंत्रियों ने सभी छात्र संगठनों से आंदोलन समाप्त करने की अपील की. मंत्रियों ने कहा कि सरकार छात्रों के हित में खड़ी है और उनकी मांगों के प्रति पूरी तरह से गंभीर है। अन्य छात्र संगठनों और हितधारकों से भी सुझाव लिए जा रहे हैं. पारदर्शिता और व्यापक नीतिगत सुधार के लिए सरकार ने एक आधिकारिक ई-मेल आईडी भी जारी की है: ई-मेल आईडी: jpsc.jssc.feedback@gmail.com

छात्र, अभिभावक और आम नागरिक इस ई-मेल पर परीक्षा सुधारों को लेकर अपने सुझाव और फीडबैक भेज सकते हैं. प्राप्त फीडबैक के आधार पर ही आने वाले समय में नई सुधार नीति बनाई जाएगी.

Show More

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!